यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उस सामाजिक भरोसे पर प्रहार है जहाँ हम अपने परिचितों को सुरक्षित मानते हैं।गुरुवार का दिन उस 9 वर्षीय बच्ची के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ, जब वह घर में अकेली थी। आरोपी युवक का पीड़िता के घर काफी समय से आना-जाना था, जिसके कारण परिवार उस पर संदेह नहीं करता था। इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर उसने उस द हलीज को पार किया जहां मासूमियत सुरक्षित होनी चाहिए थी।
जैसे ही परिजनों को इस जघन्य कृत्य का पता चला, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और फिर आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने कमान संभालते हुए आरोपी को घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने तुरंत बच्ची को मेडिकल चेकअप के लिए भेजा है और साक्ष्य जुटाने में लग गई है ताकि कोर्ट में अपराधी का बचना नामुमकिन हो।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर जबरदस्त गुस्सा है और वे आरोपी के खिलाफ 'फास्ट ट्रैक' कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सीओ सिटी ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, "कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और इस दरिंदगी के लिए आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।" पुलिस ने न केवल कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है, बल्कि पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का वादा भी किया है। यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि अपनों के भेष में छिपे चेहरों को पहचानना कितना जरूरी हो गया है।

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